मैनाटांड। स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में मैनाटांड प्रखंड की इनरवा पंचायत एक अनूठी पहल करने जा रही है। नवरात्र के दौरान पूजा पंडालों से एकत्रित नीम की पत्तियों और फल-मूल के छिलकों से अब नहाने वाला साबुन तैयार किया जाएगा। पंचायत की अपशिष्ट प्रसंस्करण इकाई, नगरदेही में साबुन निर्माण की तैयारी लगभग पूरी कर ली गई है। जल्द ही इसका उत्पादन शुरू होने की संभावना है। पंचायत में कार्यरत स्वच्छता पर्यवेक्षक सुनिल कुमार गिरि ने बताया कि नवरात्र के दौरान पूजा पंडालों से एकत्रित नीम की पत्तियों और फल-मूल के छिलकों का उपयोग कर साबुन तैयार करने की योजना बनाई गई है। इस पहल का उद्देश्य पूजा के दौरान निकलने वाले जैविक कचरे का सदुपयोग करना और स्वच्छता के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है। स्वच्छता पर्यवेक्षक के अनुसार, प्रस्तावित साबुन को प्राकृतिक तरीके से तैयार करने की योजना है। इसमें किसी प्रकार के केमिकल का इस्तेमाल नहीं करने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि, साबुन की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निर्माण के बाद इसकी जांच कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि साबुन निर्माण को लेकर लगभग सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जल्द ही उत्पादन कार्य शुरू किया जाएगा। साबुन तैयार होने के बाद इसे जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग के पास भेजा जाएगा। जांच में गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर खरा उतरने के बाद इसे लोगों के बीच वितरित किया जाएगा। इसके बाद लोगों से प्रतिक्रिया और अनुभव प्राप्त किए जाएंगे। यदि परिणाम सकारात्मक रहे, तो साबुन को बाजार में उतारने की दिशा में पहल की जाएगी। सुनिल कुमार गिरि ने बताया कि साबुन की बिक्री से प्राप्त होने वाले राजस्व का उपयोग पंचायत के विकास कार्यों में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पंचायत की अपशिष्ट प्रसंस्करण इकाई में पहले से ही जैविक कंपोस्ट खाद का निर्माण और बिक्री की जा रही है। अब साबुन निर्माण का यह नया प्रयोग पंचायत के लिए एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित हो सकता है।
पश्चिमी चम्पारण
October 22, 2026
नवरात्र में एकत्रित कचरे से बनेगा नहाने का साबुन, इनरवा पंचायत की अनोखी पहल
मैनाटांड। स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में मैनाटांड प्रखंड की इनरवा पंचायत एक अनूठी पहल करने जा रही है। नवरात्र के दौरान पूजा पंडालों से एकत्रित नीम की पत्तियों और फल-मूल के छिलकों से अब नहाने वाला साबुन तैयार...
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