मुजफ्फरपुर नगर निगम की शनिवार को हुई बोर्ड की बैठक हंगामे की भेंट चढ़ गई। करोड़ों रुपये की राशि उपलब्ध होने के बावजूद शहर में विकास कार्यों की रफ्तार सुस्त होने का मुद्दा बैठक में जोरदार तरीके से उठा। जर्जर सड़कें, टूटे स्लैब, खराब स्ट्रीट लाइट और सफाई व्यवस्था को लेकर पार्षदों ने जमकर हंगामा किया। नाराज पार्षदों ने नगर आयुक्त के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उनके बहिष्कार का नारा लगाया और बाद में बैठक कक्ष में ही जमीन पर बैठकर धरना शुरू कर दिया।
बैठक शुरू होते ही पार्षद अपनी सीटों से उठकर बीच में आ गए और शहर की बदहाल व्यवस्था को लेकर सवाल उठाने लगे। पार्षदों का कहना था कि निगम के पास पर्याप्त राशि होने के बावजूद वार्डों में जरूरी काम नहीं हो रहे हैं। इससे उन्हें लगातार जनता की नाराजगी झेलनी पड़ रही है। हंगामे के दौरान पार्षदों ने नगर आयुक्त के बहिष्कार का नारा लगाया। इस पर नगर आयुक्त ने नाराजगी जताते हुए कहा कि व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं की जानी चाहिए। इसके बावजूद पार्षद अपनी मांगों पर अड़े रहे।
पार्षदों ने कहा कि वे अपने-अपने वार्ड में विकास कार्य कराना चाहते हैं, लेकिन निगम स्तर से योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए पहल नहीं हो रही है। उनका आरोप था कि काम कराने के लिए बार-बार कहने के बावजूद योजनाएं फाइलों में अटकी हुई हैं। एक वार्ड पार्षद ने कहा कि ऐसा बोर्ड उन्होंने कहीं नहीं देखा है, इसलिए आज की बैठक का बहिष्कार कर रहे हैं।









